“ऐ दुनिया के रखवाले” के रियास में रफी साहब के मुंह से निकल आया था खून, तो अपराधी ने फांसी की सजा से पहले की थी ये मांग, जानें सदाबहार गायक के कुछ रोचक किस्से

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दुनिया में बेमिसाल गायकी और मंत्रमुग्ध कर देने वाली आवाज को हर कोई दीवाना है।इन सभी बातों को पूरा कर देने वाले यदि किसी गायक कलाकार का नाम सबसे पहले सामने आता है और आता रहेगा तो वो कोई और नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के सबसे सफल गायकों में से एक सदाबहार मोहम्मद रफी है।जी हां 31 जुलाई को मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि है।बरसों से और आने वाले समय में जिसका नाम  इजहार-ए-इश्क को लेकर लिया जाएगा तो वो रफी ही है इसके साथ ही आज भी एक सौ एक विधाएं दर्शानी हों तो आप सिर्फ एक ही गायक का नाम ले सकते हैं वो हैं मोहम्मद रफी का।

मोहम्मद रफी साहब की इस पुण्यतिथी पर आज बात करते है उनके कुछ रोचक किस्सों के बारे में।दिल के धनी रफी ने कभी पैसो में गाना नहीं गाया उन्होनें 13 साल की उम्र में ही गायकी शुरु कर दी थी।रफी ने कई फिल्मो में अपनी आवाज दी है लेकिन उन्होनें कभी अपनी इस कला को पैसों से नहीं तोला।इतना ही नहीं जब लता मंगेश्कर और कई आर्टिस्ट ने अपनी फीस बढ़ा दी थी तो रफी साहब ने लता मंगेश्कर के साथ काम करने को इंकार कर दिया था।

रफी साहब के गाने ऐ दुनिया के रखवाले के बारे में काफी मशहूर किस्सा है।ये फिल्म बैजू बावरा का है कहा जाता है इस गाने के लिए रफी साहब ने 15 दिन तक रियाज किया था और रिकॉर्डिंग के बाद उनकी आवाज इस हद तक टूट गई थी कि कुछ लोगों ने कहना शुरू कर दिया था कि रफी शायद कभी अपनी आवाज वापस नहीं पा सकेंगे। इतना ही नहीं ‘ओ दुनिया के रखवाले’ गाने को गाते समय रफी के गले से खून तक आ गया था।

इतना ही नहीं गाना आने के बाद इतना पॉपुलर हुआ था और लोग ना सिर्फ इस गाने को सुनते थे बल्कि इस गाने को लोगों ने अपने अंदर बसा लिया था।ऐसे में एक बार एक अपराधी को फांसी दी जी रही थी। उससे उसकी अंतिम इच्छा पूछी गई तो उसने कहा कि वो मरने से पहले रफी का बैजू बावरा फिल्म का गाना ‘ऐ दुनिया के रखवाले’ सुनना चाहता है। अपराधी की ख्वाहिश पूरी करने के लिए टेप रिकॉर्डर लाया गया और उसके लिए वह गाना बजाया गया।अपनी गायकी के लिए रफी साहब ने अपनी पहली पत्नी को छोड़ दिया था दरअसल जब भारत पाकिस्तान का विभाजन हुआ तो रफी साहब मुंबई आना चाहते थे लेकिन उनकी पहली पत्नी को भारत आना मंजुर नहीं था ऐसे में रफी अपनी पत्नी को वहां छोड़कर अपनी गायकी की तरफ लौट आए।इसके बाद रफी ने मुंबई मे अपना करियर बनाया और आज वो भारत का इतिहास बन गये है बता दें मोहम्मद रफी की दूसरी शादी बिलकिस बानो से हुई थी।साल 1980 में मोहम्मद रफी ने दुनिया को अलविदा कह दिया था।

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